आतंकी मसूद अजहर के खिलाफ चार्जशीट तैयार

November 29, 2016, 11:55 am
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आलोक कुमार

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में आईसी 814 अपहरण के बदले रिहा किया आतंकवादी मसूद अजहर को भारत लाने की कवायद तेज कर दी है। उसके खिलाफ पठानकोर्ट हमले में जुटाए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर चार्जशीट दायर करने के लिए एनआईए (नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी) को हरी झंडी दे दी गई है। इस चार्जशीट के बाद भारत सरकार संयुक्त राष्ट्र के जरिए मसूद अजहर को 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी' घोषित करवाने के लिए और दबाव बना सकेगी। गौरतलब है कि जनवरी 2000 में मसूद अजहर को अपह्त विमान के यात्रियों की जान के कीमत पर कांधार ले जाकर रिहा किया गया था। तब से वह पाकिस्तान स्थित अपने गृह नगर बहावलपुर में रहकर आतंकवादी गतिविधियां संचालित कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान सरकार ने विमान अपहरण में अपनी किसी भूमिका से इंकार किया था। पिछले दिनों चीन ने मौलाना अजहर मसूद को अंतर्राष्ट्रीय आंतकवादी करार दिए जाने के मामले में अडंगा लगाया था।
भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मसूद के पाकिस्तान में मौजूदगी का मसला पाकिस्तान के साथ उठा चुका है। पुख्ता सबूत हैं कि रिहाई के बाद मसूद अजहर पाकिस्तान के बहावलपुर से आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चला रहा है। उसके भारत के खिलाफ आतंकवादियों को भड़काने वाले तकरीरों के साक्ष्य मौजूद हैं। साक्ष्य हैं कि मसूद अजहर के ही देखरेख में संसद पर आतंकी हमले की विफल वारदात हुई थी।मौलाना मसूद अजहर की सुपुर्दगी के लिए पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया है। अब गृह मंत्रालय ने एनआईए (नैशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी) को पठानकोट हमला मामले में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर और तीन अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर करने की मंजूरी दे दी है। गृह मंत्रालय ने एनआईए को गैरकानूनी गतिविधि (निरोधक) कानून की धारा 18, 20 और 28, विस्फोटक कानून और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोजन चलाने की मंजूरी दी है। यह अभियोजन मौलाना मसूद अजहर, उसके भाई अब्दुल रउफ और दो अन्य आतंकवादियों शाहिद लतीफ और कशिफ जान पर चलाया जाएगा। इसी साल जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकवादी हमले में सात सैनिक शहीद हो गए थे। उसमें एनआईए ने जैश-ए- मोहम्मद के आतंकवादियों और मौलाना मसूद अजहर की भूमिका के ठोस सबूत हासिल कर लिया है। चार्जशीट को पुख्ता तौर पर तैयार किया जा रहा है ताकि यह अदालत की कार्यवाही में ठहर सके। अधिकारियों ने बताया कि एनआई बहुत जल्द मसूद और इन तीन आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट दायर करेगी। चार्जशीट में बताया जाएगा, 'अजहर मसूद ने जनवरी के पहले सप्ताह में पठानकोट एयरबेस पर हमले की साजिश रची, जिसका मकसद वायुसेना के जवानों को मारना और वहां मौजूद हथियारों और अन्य सामानों को तबाह करना था।' इस चार्जशीट के बाद भारत सरकार संयुक्त राष्ट्र के जरिए मसूद अजहर को 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी' घोषित करवाने के लिए और दबाव बना सकेगी। भारत सरकार इसके लिए कई बार कोशिश कर चुकी है, पर हर बार चीन भारत की कोशिश पर पानी फेर देता है।

हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने 18 नवंबर को सबसे पहले यह रिपोर्ट दी थी कि एनआईए ने इस संबंध में गृह मंत्रालय से मंजूरी मांगी है। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने मंजूरी इसलिए दी कि स्वतंत्र जांच, तकनीकी और फरेंसिक परीक्षण और अमेरिका द्वारा मुहैया कराए गए बातचीत के सबूतों से साफ था कि हमले के पीछे मसूद अजहर का ही हाथ है। एनआईए ने गृह मंत्रालय के साथ जो सबूत साझा किए हैं, उनमें हमला करने वाले चार आतंकवादियों की आपस में की गई बातचीत, उनके पते, परिवार वालों की जानकारी और अल-रहमत ट्रस्ट के फाइनैंशल डीटेल शामिल हैं। इनके अलावा सबूतों में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के हजारों मेसेज/चैट्स और उनके आवाज के नमूने भी हैं। पाकिस्तान के पंजाब और सिंध के रहने वाले नासिर हुसैन, अबु बकर, उमर फारुख और अब्दुल कयूम नाम के चार फिदायीन आतंकवादियों ने एक जनवरी की रात पठानकोट एयरबेस पर हमला किया था, जिसमें 7 सैनिक शहीद हो गए थे। इसके बाद एनएसजी और सेना ने मिलकर 80 घंटे तक चले 'ऑपरेशन धंगु' के तहत सभी आतंकवादियों को मार गिराया था।

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