CG- 16 नक्सल प्रभावित जिलों में होगी 2700 आरक्षकों की भर्ती

November 8, 2016, 7:27 pm
Share on Whatsapp
img

रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के 16 नक्सल प्रभावित जिलों में चार भारत रक्षित वाहिनियों के लिए आरक्षकों के 2700 पदों की जिला स्तरीय सीधी भर्ती करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। यह भर्ती राज्य स्तरीय रोस्टर के स्थान पर जिला स्तरीय रोस्टर के अनुसार की जाएगी। इनमें से 75 प्रतिशत अर्थात 2025 पद बीजापुर, सुकमा, बस्तर, दंतेवाडा, कांकेर, नारायणपुर, कोण्डागांव और राजनांदगांव जिलों के लिए होंगे।

शेष 675 पदों के लिए जशपुर, कोरिया, सरगुजा, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बालोद और बलरामपुर जिलों में भर्ती की जाएगी। यह भर्ती आरक्षण रोस्टर के अनुसार होगी।

मंत्रिपरिषद ने इसके साथ ही स्टार्टअप छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के तहत राज्य के युवाओं को उद्योगों की स्थापना के लिए स्टार्टअप पैकेज देने का भी निर्णय लिया। इसके अंतर्गत सावधि ऋणों पर भुगतान किए गए ब्याज का 75 प्रतिशत की दर से अधिकतम 70 लाख रूपए वार्षिक ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह स्थायी पूंजी निवेश अनुदान भी मिलेगा जिसमें सूक्ष्म और लघू उद्योगों के लिए 35 प्रतिशत (अधिकतम 60 लाख रूपए), मध्यम उद्योगों के लिए 35 प्रतिशत (अधिकतम 70 लाख रूपए), वृहद उद्योगों के लिए 35 प्रतिशत (अधिकतम 110 लाख रूपए), और मेगा उद्योगों के लिए 40 प्रतिशत (अधिकतम 350 लाख रूपए) का अनुदान होगा। बिजली शुल्क से शत प्रतिशत की छूट दी जाएगी। भूमि क्रय अथवा लीज पर भी स्टाम्प शुल्क से पूर्ण छूट मिलेगी। लिए गए ऋण पर भी तीन वर्ष तक स्टाम्प शुल्क से छूट रहेगी। बैठक में जिला मुख्यालय मुंगेली से लगे हुए चार मार्गो पर सिटी बस चलाने का भी निर्णय लिया इससे आम जनता को सस्ता किराए पर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। ये सिटी बसे मुंगेली से बोधारापारा वाया कंतेली 17 किलोमीटर, मुंगेली से सिंगारपुर वाया बीजातराई, सेतगंगा 17 किलोमीटर, मुंगेली से चकरभाठा वाया टेमरी, सिंघबांधा 20 किलोमीटर तथा मुंगेली से पंडरभट्ट, छपई 16 किलोमीटर मार्ग पर चलाई जाएगी इसके लिए इन मार्गो को शहरी क्षेत्र घोषित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र) नियम 2016 जारी करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत राज्य सरकार एक आंतरिक शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करेगी जिसमें कॉल सेन्टरए हेल्पलाईन, नोडल अधिकारी की पदस्थापना या ऐसा तंत्र जैसा कि विहित किया जाए सम्मिलित हो सकेगा। इसके अंतर्गत राज्य खाद्य आयोग का भी गठन किया जाएगा।

Similar Post You May Like

Around The World

loading...

More News