2010 की अशांति को यादकर विचलित हो जाता हूं- अब्दुल्ला

January 3, 2017, 4:00 pm
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जम्मू- जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से कहा है कि उन्हें वर्ष 2016 में कश्मीर अशांति की जिम्मेदारी लेनी चाहिए जिसमें 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग घायल हुए।

अब्दुल्ला ने आज विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के दौरान कहा कि अगर वह 2016 कश्मीर अशांति की जिम्मेदारी लेने की इच्छुक नहीं हैं तो उन्हें सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि जब वह 2008 में राज्य के मुख्यमंत्री थे तो कश्मीर में उबाल पूरे जोर पर था मगर उन्होंने कभी इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया और खुद ही इसकी जिम्मेदारी ली।

अब्दुल्ला ने वर्ष 2010 का जिक्र करते हुए कहा कि मैं जब भी 2010 की अशांति को याद करता हूं तो बहुत विचलित हो जाता हूं और ईश्वर ही जानता है कि मैंने कैसा महसूस किया था लेकिन उन घटनाओं के लिए कभी पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया और न ही विपक्ष की आलोचना की। मैं सत्ता में था और यह मेरी जिम्मेदारी थी कि उन घटनाओं के बाद उत्पन्न हालात पर नियंत्रण रखूं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में 2016 की अशांति अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण है और इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेने के बजाए आप दूसरों को दोष दे रहे हैं। आपने मीडिया को भी नहीं बख्शा और समाचार पत्रों के कार्यालयों पर छापामारी करायी। हम मौजूदा हालातों को लेकर चिंतित हैं।

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