अनुपम खेर की नियुक्ति पर बोले गजेंद्र चौहान- FTII को अच्छे एक्टर की नहीं, अच्छे एडमिनिस्ट्रेटर की जरूरत

October 12, 2017, 10:16 am
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फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) को अच्छे अभिनेता के जगह एक अच्छे प्रशासक की जरूरत है। यह बात संस्थान के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र चौहान ने बुधवार को दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए कही। चौहान ने अपना कार्यकाल मार्च में पूरा किया था। उनकी नियुक्ति के बाद पुणे स्थित संस्थान में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। तब अनुपम ने कहा था कि एफटीआईआई को एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जिसमें चौहान के मुकाबले निर्माता, निर्देशक या अभिनेता के तौर पर ज्यादा योग्यताएं हो। चौहान ने बुधवार को नए अध्यक्ष अनुपम खेर को अपनी शुभकामनाएं दीं। चौहान ने मुंबई से फोन पर आईएएनएस को बताया, “मैं उनके लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं और मैं जीवन में आगे बढ़ना चाहता हूं। क्या होता है कि जब किसी को पद दिया जाता है, तो इसके पीछे बहुत सारे विकल्प होते हैं। मुझे विभिन्न विकल्पों के लिए नियुक्त किया गया था। मेरे काम को बहुत से लोगों द्वारा नहीं देखा गया। एफटीआईआई में, एक अच्छे अभिनेता की तुलना में अच्छे व्यवस्थापक की जरूरत है।”


उन्होंने कहा, “उन्हें काफी अनुभव है और वे मुंबई में अपना खुद का (एक्टिंग) इंस्टीट्यूट (एक्टर) चलाते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि वह इसे अच्छी तरह से संभाल पाएंगे। मैं अनुपम जी को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे सभी काम पूरे करेंगे, जो मेरी अध्यक्षता खत्म होने के कारण मुझसे छूट गए हैं।” चौहान को 2014 में संस्थान का प्रमुख नियुक्त किया गया था, लेकिन विरोध के चलते वह जनवरी 2016 में प्रभार ले सके थे। चौहान एक प्रसिद्ध फिल्म और टेलीविजन व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने जनवरी 2016 में पहली बार एफटीआईआई कैंपस में प्रवेश करते हुए गवर्निग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की थी। उनकी नियुक्ति के बाद एफटीआईआई छात्रों और पूर्व छात्रों के भारी विरोध और 139 दिनों की हड़ताल के बाद उन्हें पद से हटाने की मांग की गई थी। चौहान, जो खुद को ‘बहुत सारी प्रशासनिक योग्यताएं’ वाला व्यक्ति कहते हैं, ने जोर देकर कहा कि उन्हें मीडिया के एक वर्ग द्वारा छोटा दिखाया गया है।उन्होंने कहा, “मैंने 22 वर्षो तक सिनेमा और टेलीविजन आर्टिस्ट एसोसिएशन के प्रशासन का संचालन किया है, इसीलिए मैं अपने कार्यकाल के दौरान बहुत सारे काम करने में सक्षम था। संसद में प्रस्तुत सीएजी की रपट में एक पंक्ति है, ‘एफटीआईआई में सर्वश्रेष्ठ काम गजेन्द्र चौहान की अध्यक्षता में किया गया था।’ यह मेरे काम का प्रमाणीकरण जैसा है। मुझे और क्या चाहिए? “

चौहान ने अपना कार्यकाल मार्च में पूरा किया था। उनकी नियुक्ति के बाद पुणे स्थित संस्थान में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

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